कबीर महोत्सव व मालवा कबीर जन सांस्कृतिक चेतना यात्रा १९ से २३ फरवरी तक


उज्जैन। सद्गुरु कबीर स्मारक सेवा समिति, लुनियाखेड़ी द्वारा १९ से २३ फरवरी तक कबीर महोत्सव व मालवा कबीर जन सांस्कृतिक चेतना यात्रा का आयोजन किया जाएगा। मानव मात्र में आपसी प्रेम, सद्भावना व देश की एकता व अखंडता को भक्ति, ज्ञान व कर्मरूपी त्रिवेणी संगम में संतों की वाणी द्वारा अमृतमयी नाद ब्रह्म का प्रवाह होगा, ताकि मानव समाज में व्याप्त अनेक कुरीति, रूढ़ी, अंधविश्वास और नशा मुक्ति से मुक्त सकारात्मक सोच पैदा हो सके।
सोमवार को प्रेस क्लब भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पद्मश्री प्रहलादसिंह टीपान्या ने बताया कि १९ फरवरी से कबीर महोत्सव की शुरुआत होगी। मालवा कबीर जन सांस्कृतिक चेतना यात्रा के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर यह महोत्सव आयोजित किया जाएगा। १९ फरवरी को कबीर स्मारक स्थल लुनियाखेड़ी में प्रात: ८ बजे से ध्वज व चरण पादुका वंदन होगा। प्रात: ९ बजे मक्सी रेस्ट हाउस से जन सांस्कृतिक चेतना यात्रा आरंभ होगी। दोपहर १२ से १ बजे तक आतम पूजा (प्रसादी) होगी। दोपहर १ से शाम ४ बजे तक बधावा व सद्गुरु कबीर और गाँधी की प्रासंगिकता पर परिचर्चा होगी। शाम ४ से ५ बजे तक अतिथियों एवं कलाकारों का स्वागत, आतम पूजा व भंडारा होगा। शाम ६ बजे से अनहद नाद ब्रह्म प्रवाह (भजन संध्या) होगी। २० फरवरी को कृषि उपज मंडी, पचोर (राजगढ़) में शाम ५ बजे से बधावा व सद्गुरु कबीर और गांधी की प्रासंगिकता पर परिचर्चा होगी। शाम ७ बजे से भजन संध्या (नाद ब्रह्म प्रवाह) आयोजित होगी। २१ फरवरी को देवास में शीलनाथ धुणी संस्थान में प्रात: १० से २ बजे तक बधावा व सद्गुरु कबीर व गाँधी की प्रासंगिकता पर परिचर्चा होगी। २१ फरवरी को शाजापुर के उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में शाम ५ से ७ बजे तक बधावा व सद्गुरु कबीर और गाँधी की प्रासंगिकता पर परिचर्चा व शाम ७ से अनहद नाद ब्रह्म प्रवाह (भजन संध्या एवं कव्वाली) होगी। २२ फरवरी को आगर-मालवा के पुरानी कृषि उपज मंडी प्रांगण में शाम ५ बजे बधावा व लोक में संत वाणी का प्रभाव पर चर्चा होगी। शाम ७ बजे अनहद नाद ब्रह्म प्रवाह (भजन संध्या व कव्वाली) होगी। २३ फरवरी को सेवाधाम अंबोदिया में प्रात: ९ से दोपहर १२ बजे तक अनहद नाद ब्रह्म प्रवाह (भजन) होंगे। २३ फरवरी को इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ऑडीटोरियम में कबीर और गांधी की प्रासंगिकता पर परिचर्चा होगी। शाम ६ बजे से अनहद नाद ब्रह्म प्रवाह (भजन संध्या व कव्वाली) होगी।
कबीर महोत्सव के अंतर्गत कुल १५ कलाकारों की टीम कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। १९ फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, लोक निर्माण एवं पार्यवरण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, जल संसाधन विकास मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा, उच्च शिक्षा, युवा कल्याण एवं खेल मंत्री जीतू पटवारी, ऊर्जा मंत्री प्रियवत सिंह खींची, विधायक महेश परमार होंगे। इसमें स्टेनफोर्ड से डॉ. लिंडा हैस, जेएनयू दिल्ली से डॉ. सुहास गिरी, समाज सेवक डॉ. रामनारायण श्याग, सेवाधाम आश्रम के श्री सुधीर गोयल, खंडवा के डॉ. शहजाद कुरैशी, डॉ. श्रीराम परिहार, इंदौर के अनिल त्रिवेदी, इंदौर के डॉ. सुरेश पटेल, उज्जैन के डॉ. शैलेन्द्र शर्मा, आगर डॉ. दशरथ मसानी, अहमदाबाद के डॉ. मृदुला पारिक साहित्यकार आमंत्रित किए गए हैं। इस आयोजन में संस्कृति मंत्रालय व उज्जैन-शाजापुर जिला प्रशासन का भी सहयोग है। पत्रकार वार्ता के दौरान पद्मश्री प्रहलादसिंह टीपान्या व डॉ. लिंडा हैस उपस्थित थीं।