महाशिवरात्रि पर्व पर स्मार्ट सिटी द्वारा बेहतर प्रबंधन में सहयोग किया गया उज्जैन स्मार्ट सिटी द्वारा परिचालित एवं पूर्ण योजनाओं का विवरण

महाशिवरात्रि पर्व पर स्मार्ट सिटी द्वारा बेहतर प्रबंधन में सहयोग किया गया


 उज्जैन - महाशिवरात्रि के अवसर पर दिनांक 21 एवं 22 फरवरी को श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए कलेक्टर द्वारा उज्जैन स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप जैन को सम्पूर्ण व्यवस्था का प्रभार दिया गया| एवं प्रदीप जैन द्वारा लगातार दो दिनों तक मंदिर में उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला गया| जिसमे कि सीईओ प्रदीप जैन द्वारा 3 उपयंत्री सहित अन्य 6 कर्मचारियों की शिफ्ट वाइस ड्यूटी मंदिर के कंट्रोल रूम पर लगाई गई| सीईओ द्वारा स्वयं प्रत्येक व्यवस्था का जायजा लिया गया एवं सभी कर्मचारियों द्वारा मंदिर में उपस्थित रहकर अपनी सेवाएं दी गई|


उज्जैन स्मार्ट सिटी द्वारा परिचालित एवं पूर्ण योजनाओं का विवरण


 


उज्जैन स्मार्ट सिटी द्वारा कुल 43 प्रोजेक्ट्स का प्रस्तावित है जिसमे से कुछ वर्तमान मे चल रहे है एवं कुछ पूर्ण हो चुके है|


वर्तमान मे कार्यान्वित प्रोजेक्ट्स एवं योजनाएं कुछ इस प्रकार है ....


१.       मृदा - (महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास योजना) - इस योजना के अंतर्गत महाकाल परिक्षेत्र के आसपास विकास एवं सौन्दर्यकरण का काम किया जा रहा है| इसमें महाकाल प्लाजा, महाकाल कॉरिडोर, महाकाल थीम पार्क, फैसिलिटी सेन्टर, मिड-वे जोन एवं डेक एरिया को मृदा प्रथम चरण मे इस योजना की अनुमानित लागत 154 करोड़ है| एवं महाराजवाड़ा स्कूल का विकास, रुद्रसागर और रामघाट का विस्तारीकरण एवं रिजुविनेशन, मंदिर क्षेत्र मे सड़को का चौड़ीकरण एवं मल्टीलेवल कार पार्किंग सम्मलित है| इस योजना की अनुमानित लागत 157 करोड़ है|


२.      भूमिगत डक्टिंग के साथ स्मार्ट रोड्स - इस योजना के तहत शहर कि कुल 25 कि. मी. कि सड़क के निर्माण को लिया गया है| जिनको 54 विभिन्न क्षेत्रों मे बांटा गया है | एवं इसकी चौड़ाई 8 मी. से 24 मी. तक रखी गई है| इसके अंतर्गत सड़को को आधुनिक बनाते हुए - स्टॉर्म वाटर लाइन्स, फुटपाथ, भूमिगत विद्युतिकरण, गैस पाइपलाइन, पानी कि लाइन एवं सड़को कि दुरुस्ती का कार्य सम्मलित है| इस योजना की अनुमानित लागत 271.74 करोड़ है|


३.      ITMS - (समन्वित यातायात प्रबंधन प्रणाली) - इस योजना के अंतर्गत यातायात प्रणाली का सही ढंग से संचालन एवं इसकी निगरानी कि जाएगी एवं चुने गए चौराहो पर CCTV लगाए जा रहे है| इस प्रणाली से स्थानीय एवं बाहर से आये श्द्धालुयों कि सुरक्षा मे बढ़ोत्तरी एवं सड़क दुर्घटनाओं कि रोकथाम मे सहायता होगी| इस योजना की अनुमानित लागत 35 करोड़ है|


४.      स्विमिंग पूल फेज 2 एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य - इसके अंतर्गत डाइविंग पूल, लीजर पूल, जिम्नेशियम, जकूजी, टेनिस कोर्ट, एवं रेस्टॉरेंट सम्मलित रहेंगे| इस योजना की अनुमानित लगत 19.50 करोड़ है|


५.      मयूर वन - इस योजना के अंतर्गत मयूर (मोर) लिए अलग से प्रकृति के क्षेत्र/ पार्क का निर्माण किया जा रहा है| जो कोठी रोड पर स्थित है| इसकी प्रमुख विशेषता है कि यहाँ पर पक्षियों कि पसंद के अनुरूप फलों एवं पौधों का रोपण किया जा रहा है,जो कि पर्यावरण संतुलन मे भी सहायक होगा| इस पार्क मे उज्जैनवासियों को भी सीमित पहुंच तक प्रवेश मिलेगा | इस योजना की अनुमानित लागत 2.26 करोड़ है|


६.      इन्क्यूबेशन सेंटर - बड़े शहरों कि तरह अब उज्जैन मे भी स्टार्टअप कंपनियों के लिए रियायती दरों पर वर्कस्टेशन उपलब्ध हो सकेगा, यहाँ पर कोई भी उधमी जो अपना स्वयं का बिज़नेस शुरू कर रहा है वह इस स्पेस को उपयोग कर सकेगा| यह मेला कार्यालय मे 2nd फ्लोर पर स्थित है| इस योजना की अनुमानित लागत 7.31 करोड़ है|


७.     नूतन स्कूल एवं गणेश नगर स्कूल का निर्माण - चारधाम मंदिर के पास भव्य विद्यालय भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमे कि 7 सरकारी विद्यालयों एवं संस्कृत महाविद्यालय को समायोजित किया जायेगा| इस भवन का निर्माण आधुनिक एवं विकासशील प्रणाली के आधार पर बनाया जा रहा है| जिसमे विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर कि सुविधाएँ जैसे लाइब्रेरी, लैब्स,प्ले ग्राउंड, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम्स, मल्टीपर्पज हॉल के साथ छात्रावास का भी निर्माण सम्मलित है| इस योजना की अनुमानित लागत 22.89 करोड़ है|


८.      गणेश नगर स्कूल - नूतन स्कूल कि तरह ही इस भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है एवं यह गणेश नगर कॉलोनी मे स्थित है| इस योजना की अनुमानित लागत 5 .5 करोड़ है|


स्मार्ट सिटी द्वारा पूर्ण की गयी योजनाएं निम्न रूप से है ...


१.       ओलम्पिक साइज के स्विमिंग पूल एवं किड्स पूल का निर्माण - यह नगर निगम मुख्यालय के पीछे स्थित है, जो की अब्ब सुचारु रूप से कार्यान्वित हो गया है एवं उज्जैन वासियों के प्रवेश भी प्रारंभ हो चुका है| यह विश्वस्तरीय सुविधाओं से पूर्ण है जिमसे 500 लोगो की बैठने की व्यवस्था के साथ साथ खिलाडियों के लिए अलग से ब्लॉक एवं प्रशासनिक भवन सम्मलित है| इस योजना की अनुमानित लागत 10.50 करोड़ है|


२.      ICCC (इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर) - यह मेला कार्यालय मे ग्राउंड फ्लोर पर स्थित है, इस योजना का मुख्य लक्ष्य शहर के सभी क्षेत्रों पर निगरानी रखना एवं दुर्घटनाओं को रोकना है इसके द्वारा आधुनिक यातायात प्रबंधन, कचरा प्रबंधन, नागरिको एवं बाहर से आये श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करना एवं आपातकालीन सुविधाओं का प्रबंधन सम्मलित है| इस योजना की अनुमानित लागत 35 करोड़ है|


३.      शी लाउंज इस योजना के अंतरतगत महिलाओं के लिए सार्वजानिक विश्राम गृह बनाये गए जो की नानाखेड़ा, फ्रीगंज एवं एक अभी बाकि है| क्षेत्र में स्थित है, इसमें महिला प्रशाधन, मातृ कक्ष, विश्राम कक्ष, रेस्टॉरेंट एवं ATM उपलब्ध कराया गया है| इस योजना की अनुमानित लागत 0 .60 करोड़ है|


४.      स्मार्ट क्लासरूम्स - इस योजना के अंतर्गत 5 सरकारी स्कूलों मे 97 क्लासरूम्स का निर्माण किया गया है | इस योजना की अनुमानित लागत 3.04 करोड़ है|


५.      3 पावर सोलर प्लांट - अम्बोदिया, गऊघाट एवं उंडासा वाटर पम्पिंग स्टेशन पर निर्माण का  किया गया एवं बिजली की खपत मे कमी की जा रही है| इस योजना की अनुमानित लागत 8.82 करोड़ है|


६.      बायोमेथेनेशन पावर प्लांट जो की मक्सी रोड सब्जी मंडी मे स्थित है एवं वर्तमान मे बिजली उत्पादन प्रारंभ है| इस योजना की अनुमानित लागत 1.96 करोड़ है|


७.     डिजिटल सेंटर - यह उज्जैन पहला निशुल्क डिजिटल सेंटर है जो कि इस्कॉन मंदिर के पीछे स्थित है एवं यहाँ पर अत्याधुनिक तकनीक से युक्त डिवाइस जैसे कम्प्यूटर, लैपटॉप्स, किंडल, स्मार्ट फ़ोन, मैक बुक इत्यादि उपलब्ध है| यहाँ सभी आयु एवं वर्ग के नागरिको को डिवाइसों के उपयोग एवं महत्व से अवगत कराया जाता है| इस योजना की अनुमानित लागत 0.30 करोड़ है|


८.      अन्य पूर्ण योजनाओं मे महानंदा क्षेत्र में 1.7 की. मी. साइकिल ट्रैक एवं फुटपाथ का निर्माण किया गया | इस योजना की अनुमानित लागत 1.65 करोड़ है| वाटर ATM, ग्रीन वाल्स, मोबाइल चार्जिंग किऑस्क (इस योजना की अनुमानित लागत 0.15 करोड़ है|), इ -रिक्शा, शिप्रा आरती, स्मार्ट हैल्थ केयर सेंटर है |